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गोवा क्लब अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार सख्त, नए साल पर आतिशबाज़ी पर पूर्ण प्रतिबंध

सभी पुलिस थानों में अग्निशमन यंत्र दुरुस्त रखने के निर्देश, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई

मोमना बेगम

नई दिल्ली।गोवा के एक क्लब में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देशभर में प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है। इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी में नए साल के जश्न के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए आतिशबाज़ी पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही दिल्ली के सभी पुलिस थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, मॉल्स और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्निशमन यंत्रों को पूरी तरह सक्रिय और तैयार हालत में रखने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

दिल्ली सरकार के उच्च अधिकारियों के अनुसार, नए साल के अवसर पर राजधानी में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए किसी भी तरह की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गोवा क्लब अग्निकांड में हुई जान-माल की भारी क्षति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी आदेश के तहत दिल्ली पुलिस के सभी थानों में अग्निशमन यंत्रों की स्थिति की समीक्षा करने को कहा गया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यंत्र चालू हालत में हों और जरूरत पड़ने पर तत्काल इस्तेमाल किए जा सकें। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दोहराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में समय पर और सही कार्रवाई हो सके।

दिल्ली सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि नए साल के जश्न के दौरान आतिशबाज़ी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। चाहे वह सार्वजनिक स्थान हो या निजी आयोजन, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि आतिशबाज़ी न केवल आग लगने का खतरा बढ़ाती है, बल्कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में भगदड़ और जान-माल के नुकसान की आशंका भी पैदा करती है।

इसके साथ ही होटल, क्लब, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। सभी आयोजकों को फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। बिना अग्निशमन व्यवस्था और फायर एनओसी के किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

दिल्ली अग्निशमन सेवा को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। दमकल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त दमकल वाहन तैनात किए जाएं और आपात कॉल पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए। इसके लिए कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखा जाएगा और सभी फायर स्टेशनों को अतिरिक्त स्टाफ के साथ तैयार रहने को कहा गया है।

दिल्ली पुलिस ने भी नए साल की पूर्व संध्या पर विशेष चेकिंग अभियान चलाने की योजना बनाई है। बाजारों, मॉल्स, पब, क्लब और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। कहीं भी आग से जुड़ी लापरवाही, अवैध आतिशबाज़ी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

सरकार और प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे नए साल का जश्न जिम्मेदारी के साथ मनाएं और किसी भी संदिग्ध या खतरनाक गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या अग्निशमन विभाग को दें। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है, तभी बड़े हादसों को रोका जा सकता है।

गोवा क्लब अग्निकांड ने यह चेतावनी दी है कि मनोरंजन और उत्सव के नाम पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। दिल्ली सरकार का यह सख्त रुख राजधानी में लोगों की जान-माल की सुरक्षा के प्रति उसकी गंभीरता को दर्शाता है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन की लगातार निगरानी की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

दिल्ली सरकार के इन फैसलों को विशेषज्ञों ने भी सराहा है और कहा है कि समय रहते उठाए गए ऐसे कदम ही भविष्य में बड़े हादसों को रोक सकते हैं। नए साल के जश्न से पहले राजधानी में सुरक्षा को लेकर यह सख्ती एक सकारात्मक संदेश देती है कि जनहित और सुरक्षा सर्वोपरि है।

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