सड़क पर मंत्री-विधायक आमने-सामने, अखिलेश बोले—भाजपा के डिब्बे आपस में भिड़े

रीमा कुमारी डेस्क प्रभारी उत्तर प्रदेश महोबा। जिले में खराब सड़कों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही बड़ा टकराव सामने आया। एक दिवसीय दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने बीच रास्ते में रोक दिया। इस दौरान सड़क पर कई गाड़ियां खड़ी कर दी गईं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।विधायक और समर्थक जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की दुर्दशा और गांवों में पानी की आपूर्ति न होने से नाराज थे। विरोध के दौरान सुरक्षा में तैनात कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे कलेक्ट्रेट मार्ग पर तनाव की स्थिति बन गई।कार्यक्रम से लौटते समय रामश्री महाविद्यालय के पास पहले से मौजूद समर्थकों ने काफिले को घेर लिया। हालात को संभालने के लिए सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री को स्वयं वाहन से उतरकर आगे आना पड़ा।काफिला रुकने के बाद जलशक्ति मंत्री और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बताया जा रहा है कि विधायक अपने समर्थकों के साथ पहले से ही मौके पर मौजूद थे और पूरी घटना को सुनियोजित माना जा रहा है। सड़क पर खड़ी गाड़ियों को हटाने के बाद ही काफिला आगे बढ़ सका।इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, बल्कि पूरे डिब्बे आपस में टकरा रहे हैं। सत्ता में बैठे लोग न जनता की सुन रहे हैं और न विकास की चिंता कर रहे हैं। भाजपा विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के मंत्री को रोकना इस बात का संकेत है कि पार्टी के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं।स्थिति सामान्य होने के बाद मंत्री ने विधायक से बातचीत की और कहा कि जहां भी सड़कें खुदी मिलीं या लापरवाही सामने आई, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे स्वयं गांव-गांव जाकर निरीक्षण करेंगे और दोषी अफसरों को निलंबित किया जाएगा।विरोध के दौरान एक समर्थक और पुलिस अधिकारी के बीच तीखी बहस भी हुई, हालांकि बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। प्रशासन ने समर्थकों को सड़क से हटवाकर मंत्री के काफिले को सुरक्षित रवाना किया। महोबा। जिले में खराब सड़कों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर ही बड़ा टकराव सामने आया। एक दिवसीय दौरे पर आए जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके समर्थकों ने बीच रास्ते में रोक दिया। इस दौरान सड़क पर कई गाड़ियां खड़ी कर दी गईं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।विधायक और समर्थक जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों की दुर्दशा और गांवों में पानी की आपूर्ति न होने से नाराज थे। विरोध के दौरान सुरक्षा में तैनात कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे कलेक्ट्रेट मार्ग पर तनाव की स्थिति बन गई।कार्यक्रम से लौटते समय रामश्री महाविद्यालय के पास पहले से मौजूद समर्थकों ने काफिले को घेर लिया। हालात को संभालने के लिए सीओ सदर अरुण कुमार सिंह और एसडीएम शिवध्यान पांडेय मौके पर पहुंचे। स्थिति बिगड़ती देख मंत्री को स्वयं वाहन से उतरकर आगे आना पड़ा।काफिला रुकने के बाद जलशक्ति मंत्री और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बताया जा रहा है कि विधायक अपने समर्थकों के साथ पहले से ही मौके पर मौजूद थे और पूरी घटना को सुनियोजित माना जा रहा है। सड़क पर खड़ी गाड़ियों को हटाने के बाद ही काफिला आगे बढ़ सका।इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, बल्कि पूरे डिब्बे आपस में टकरा रहे हैं। सत्ता में बैठे लोग न जनता की सुन रहे हैं और न विकास की चिंता कर रहे हैं। भाजपा विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के मंत्री को रोकना इस बात का संकेत है कि पार्टी के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं।स्थिति सामान्य होने के बाद मंत्री ने विधायक से बातचीत की और कहा कि जहां भी सड़कें खुदी मिलीं या लापरवाही सामने आई, वहां जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वे स्वयं गांव-गांव जाकर निरीक्षण करेंगे और दोषी अफसरों को निलंबित किया जाएगा।विरोध के दौरान एक समर्थक और पुलिस अधिकारी के बीच तीखी बहस भी हुई, हालांकि बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। प्रशासन ने समर्थकों को सड़क से हटवाकर मंत्री के काफिले को सुरक्षित रवाना किया।



