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13006 अमृतसर–हावड़ा एक्सप्रेस से सैकड़ों जंगली तोते बरामद, वन्यजीव अधिनियम में बड़ी कार्रवाई

वाराणसी ब्युरो

वाराणसी। वन्यजीव अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से वाराणसी में जीआरपी, आरपीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाइल्ड लाइफ विभाग से प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 13006 अमृतसर–हावड़ा एक्सप्रेस से तस्करी कर लाए जा रहे सैकड़ों जंगली प्रजाति के तोतों को बरामद किया गया। इस मामले में एक युवक को मौके से गिरफ्तार किया गया है, जिसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मो. ज़ाहिद पुत्र मो. नासिर, निवासी वर्धमान, जनपद अमेठी, ट्रेन बदलकर पंजाब मेल एक्सप्रेस से वाराणसी आ रहा था। सुरक्षा बलों को उस पर शक हुआ, जिसके बाद संयुक्त टीम ने उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद 07 झोलों से कुल 334 जिंदा रोज़-रिंग्ड पैराकीट (भारतीय जंगली तोता) बरामद किए गए। सभी तोते ठीक-ठाक हालत में पाए गए, जिन्हें अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। इसके अतिरिक्त आरोपी के पास से 3700 रुपये नकद और पोको कंपनी का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।बरामद जंगली तोतों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी जंगली पक्षियों की तस्करी के संगठित नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं ताकि तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग को अवगत कराया गया। मौके पर पहुंचे डिप्टी रेंजर राज कुमार गौतम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने सभी बरामद तोतों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। वन विभाग द्वारा तोतों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, ताकि आगे उन्हें प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा जा सके।डिप्टी रेंजर राज कुमार गौतम ने बताया कि जंगली प्रजाति के पक्षियों का अवैध शिकार और व्यापार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में भी इस तरह की तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेंगे।इस संयुक्त कार्रवाई में वाराणसी जीआरपी और आरपीएफ की भूमिका सराहनीय रही। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रजोल नागर (थाना जीआरपी), निरीक्षक संदीप कुमार यादव (आरपीएफ), हे.का. अश्वनी कुमार, हे.का. पवन, हे.का. राजेन्द्र यादव, का. दीपक द्वितीय (जीआरपी), हे.का. संजय यादव, हे.का. उपेन्द्र कुशवाहा, हे.का. प्रमोद राय, हे.का. नरेन्द्र सिंह, का. वीरेंद्र कुमार, का. रोहित (आरपीएफ), स.उ.नि. राकेश सिंह (CIB), का. सतीश यादव (CIB), का. मोहन प्रकाश तथा रे.सु.ब. पोस्ट जंघई के अन्य कर्मी शामिल रहे।समय रहते की गई इस कार्रवाई से सैकड़ों जंगली पक्षियों की जान बच सकी है। इस घटना से वन्यजीव संरक्षण के प्रति सुरक्षा एजेंसियों की सजगता और प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई है।

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