संगम विहार को नशामुक्त बनाने की मुहिम तेज, थाने में विभिन्न कमेटियों के साथ हुई अहम बैठक

मोमना बेगम
नई दिल्ली। संगम विहार थाना क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्रवाई और संवाद को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में संगम विहार थाने में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कब्रिस्तान कमेटी, सिख कमेटी, अमन कमेटी, आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) सहित क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ रहे नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना और समाज के हर वर्ग का सहयोग प्राप्त करना रहा।

बैठक को संबोधित करते हुए संगम विहार थाने के थानाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नशा न केवल युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है, बल्कि पूरे समाज की शांति, सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को भी कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अकेले इस लड़ाई को नहीं जीत सकती, इसके लिए आमजन और समाज के जिम्मेदार लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। थानाध्यक्ष ने सभी कमेटी सदस्यों से अपील की कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में कहीं भी नशे का अवैध कारोबार, बिक्री या सेवन होता हुआ दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत संगम विहार थाने को दें, ताकि समय रहते सख्त कार्रवाई की जा सके।

थानाध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि नशे के खिलाफ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अपने अधीन सभी बीट अफसरों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि यदि उनके पास क्षेत्र में नशा बिकने या नशे के कारोबार से जुड़ी कोई शिकायत आती है और उसमें कोताही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह संदेश साफ था कि पुलिस प्रशासन इस मुद्दे पर पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।

बैठक में मौजूद विभिन्न कमेटियों के सदस्यों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत किया और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कब्रिस्तान कमेटी और सिख कमेटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि नशा समाज की सबसे बड़ी बुराइयों में से एक है और इसे खत्म करने के लिए सभी धर्मों और समुदायों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। अमन कमेटी और आरडब्ल्यूए के सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने, युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की बात कही।

बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि नशे के खिलाफ केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान भी चलाए जाने चाहिए। स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों में नशे के दुष्परिणामों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि युवा पीढ़ी समय रहते सतर्क हो सके। थानाध्यक्ष ने इस सुझाव का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस जल्द ही सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता अभियान शुरू करेगी।
गौरतलब है कि संगम विहार थाने के वर्तमान थानाध्यक्ष ने चार्ज संभालते ही क्षेत्र में नशे के खिलाफ अभियान छेड़ दिया था। उनके नेतृत्व में पहले भी कई जगहों पर छापेमारी कर नशे के कारोबार से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अवैध नशीले पदार्थों की बरामदगी की गई है। इस बैठक को उसी मुहिम की एक अहम कड़ी माना जा रहा है, जिसमें पुलिस और समाज मिलकर संगम विहार को नशामुक्त क्षेत्र बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रहे हैं।
अंत में थानाध्यक्ष ने सभी उपस्थित सदस्यों से अपील की कि वे पुलिस को अपना सहयोगी समझें, न कि केवल एक संस्था। उन्होंने कहा कि जब तक समाज और पुलिस कंधे से कंधा मिलाकर काम नहीं करेंगे, तब तक नशे जैसी सामाजिक बुराई को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई और सभी ने एक स्वर में संगम विहार को नशामुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया।
यह पहल न केवल संगम विहार, बल्कि पूरे दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन सकती है, यदि इसमें समाज का सक्रिय सहयोग लगातार बना रहा।



