शमसाबाद तृतीय में जिला पंचायत चुनाव: दो प्रमुख चेहरों के बीच सिमटा मुकाबला

शमसाबाद फर्रुखाबाद।जिला पंचायत सदस्य पद के लिए शमसाबाद तृतीय क्षेत्र में चुनावी माहौल अब स्पष्ट होता जा रहा है। ज़मीनी हालात, मतदाता समीकरण और हालिया राजनीतिक गतिविधियों पर नज़र डालें तो यह मुकाबला धीरे-धीरे दो प्रमुख दावेदारों—हर्ष गंगवार और अतुल गंगवार—के बीच सिमटता हुआ दिखाई दे रहा है। अन्य प्रत्याशी फिलहाल प्रभावी जनसमर्थन जुटाने में असफल नज़र आ रहे हैं।इस क्षेत्र में कुर्मी समाज के मतदाता सबसे अधिक संख्या में हैं, जिनकी तादाद लगभग 8 से 9 हज़ार के आसपास बताई जा रही है। इसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दलित मतदाता चुनावी परिणाम तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जातीय संतुलन के साथ-साथ प्रत्याशियों की स्थानीय पकड़ को निर्णायक माना जा रहा है।हर्ष गंगवार को पूर्व जिला पंचायत सदस्य रवेंद्र सिंह ‘ददा’ की राजनीतिक विरासत का स्पष्ट लाभ मिलता दिख रहा है। वहीं अतुल गंगवार वर्तमान जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि के रूप में चुनावी मैदान में हैं। हालांकि लंबे समय से क्षेत्र में उनकी सीमित मौजूदगी और पारिवारिक मतभेदों की चर्चाएं उनकी स्थिति को कमजोर करती नज़र आ रही हैं।इसी कड़ी में अतुल गंगवार के भतीजे का भी मैदान में उतरना चुनावी समीकरणों को प्रभावित करता दिखाई दे रहा है। पारिवारिक कलह और आपसी खींचतान के चलते यह स्थिति अतुल गंगवार के खेमे के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे मतों का बंटवारा हो रहा है, जिसका सीधा असर उनकी चुनावी मजबूती पर पड़ रहा है और वे दौड़ में पीछे छूटते नज़र आ रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अतुल गंगवार की परंपरागत पकड़ कुर्मी समाज में मानी जाती रही है, जबकि रवेंद्र सिंह ‘ददा’ का प्रभाव गैर-कुर्मी ओबीसी और दलित वर्ग में अधिक रहा है। इस बार परिस्थितियां बदली हुई दिखाई दे रही हैं। कुर्मी समाज का एक बड़ा वर्ग हर्ष गंगवार की ओर झुकता नज़र आ रहा है, वहीं गैर-कुर्मी ओबीसी और दलित मतदाताओं का समर्थन भी उन्हें पहले की तरह मजबूती से मिलता दिख रहा है।इस बीच हर्ष गंगवार की छवि एक शिक्षित, युवा और ज़मीनी नेता के रूप में उभरकर सामने आई है। छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा चुके हर्ष को संगठन और राजनीति की बेहतर समझ रखने वाला नेता माना जा रहा है। उनका सरल स्वभाव और सहज व्यवहार क्षेत्र के युवाओं को खासा प्रभावित कर रहा है, जिसके चलते युवा वर्ग बड़ी संख्या में उनके समर्थन में खड़ा दिखाई दे रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि युवाओं का यह रुझान चुनावी परिणामों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।कुल मिलाकर मौजूदा राजनीतिक माहौल, ज़मीनी रुझानों और मतदाता समीकरणों को देखते हुए शमसाबाद तृतीय क्षेत्र में हर्ष गंगवार फिलहाल बढ़त की स्थिति में नज़र आ रहे हैं, हालांकि अंतिम परिणाम मतदान प्रतिशत और अंतिम दौर की चुनावी रणनीतियों पर निर्भर करेगा।



