नए नौजवानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने उतर प्रदेश के बाबा विश्वनाथ नगरी काशी के लाल सरकारी अध्यापक प्रवक्ता बन बिहार के गया जी में शिक्षा की ज्योति की अलख जलाई
बनारस के एक नगर क्षेत्र नारायणपुर भोजूबीर निवासी ब्राह्मण परिवार में जन्मे एक ऐसे शिक्षक बृजेश कुमार पांडेय की संघर्षों की कहानी कई मध्यम परिवार में जन्मे संघर्ष कर रहे छात्रों के लिए प्रेरणा देने वाली स्रोत के रूप में है,,
बृजेश पांडेय वर्तमान में बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर पिछले 2 वर्षों से राजनीति विज्ञान विषय पद पर गया जी के शेरघाटी में उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रहे है ,इनके ही नक्शेकदम पर चलते हुए इनकी दोनों छोटी बहन संध्या पांडेय हिंदी प्रवक्ता पद पर बिहार राज्य में नियुक्त है ,छोटी बहन नीतू पांडे हाईस्कूल शिक्षिका केंद्रीय विद्यालय कर्नाटक राज्य में वर्तमान में कार्यरत है दोनों अपना रोल मॉडल अपने बड़े भाई नवाचारी शिक्षक बृजेश कुमार पांडेय जी को ही मानती है,बृजेश पांडेय जी जहां विद्यार्थियों को नवाचार आधारित राजनीति विज्ञान विषय का शिक्षण प्रदान कर रहे है उनकी शिक्षण शैली प्रयोगात्मक ट्रिकी आधारित और छात्र केंद्रित मानी जाती है जिससे विद्यार्थी विषय वस्तु को केवल याद नहीं करते बल्कि समझते भी है, उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त किए है,तथा कई छात्र आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में उच्च पदों पर कार्यरत है ,शिक्षा के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान और नवाचार पूर्ण शिक्षण कार्यों के लिए उन्हें कई शिक्षण संस्थानों के द्वारा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है,।
शिक्षक बृजेश पांडेय का कहना है कि शिक्षा केवल पाठयपुस्तक तक सीमित नहीं होती है,बल्कि जिज्ञासा,प्रयोग और वैज्ञानिक विकास का शसक्त माध्यम है।
,नवाचारी शिक्षक बृजेश पांडेय का व्यक्तित्व राज्य के अन्य शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत रूपी है,जो अपना जीवन देश के नौनिहाल बच्चों को सृजनशील और नवाचारी बनाने के लिए समर्पित कर शिक्षा की ज्योति फैलाने में कार्यरत है ,




