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डीएम के न आने पर धरना पर बैठे कांग्रेसी, पुलिस से हुई झड़प

गाजीपुर। कांग्रेस नेताओं पर लादे गए फर्जी मुकदमा वापस लेने का ज्ञापन सौंपने के लिए कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यलाय पहुंचा। जिलाधिकारी के न आने से नाराज कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता मुख्य द्वार पर धरना पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और नेताओं में तीखी झपड़ भी हुई। कोतवाल ने समझा-बुझाकर शांत कराया।

धरना को सम्बोधित करते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि जिला शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त रूप से नौ बार विधायक रहे एवं राज्यसभा के पूर्व सांसद पंडित प्रमोद तिवारी और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा “मोना” के विरुद्ध जो फर्जी तरीके से मुकदमें कायम किए गए हैं, उन्हें अविलंब राज्य सरकार द्वेषपूर्ण राजनीति छोड़कर तत्काल वापस ले। ऐसा होता है तो कांग्रेस जन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस योगी के जेल में हजारों हजार की तादात में गिरफ्तारी देंगे। कहा कि 50 वर्षों के राजनीतिक काल में प्रमोद तिवारी की छवि बेदाग रही है और आज तक उनके ऊपर कोई भी मुकदमा नहीं था, लेकिन यह तानाशाही, भ्रष्ट व निकम्मी योगी सरकार ने जिस तरीके से प्रमोद तिवारी और आराधना मोना के ऊपर मुकदमें किए हैं, यह लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन के रूप में माना जाएगा। धरना के अंत में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। धरना में सुरेंद्र सिंह, जनक कुशवाहा, पूर्व जिलाध्यक्ष डा. मारकंडेय सिंह, पंकज दुबे, रविकांत राय, लाल साहब यादव, हिमांशु श्रीवास्तव, संटू जैदी, मनीष कुमार राय, शफीक अहमद, राकेश राय, अंशु पांडेय, माधव कृष्ण, चंद्रिका सिंह, अनुराग पांडेय, सतीश उपाध्याय, संदीप विश्वकर्मा, राजेश गुप्ता, अभय कुशवाहा, रतन तिवारी, अखिलेश यादव, जयविजय गुप्ता, राघवेंद्र चतुर्वेदी, अवधेश साहू, ओमप्रकाश पांडेय, शशि भूषण राय, उमाशंकर सिंह, राजेंद्र बनवासी, आदि शामिल रहे।

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