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संयुक्त किसान मोर्चा के ‘’भारत बंद‘’ के समर्थन में संयुक्त ट्रेड यूनियनों मंच दिल्ली का संसद मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन

नई दिल्ली:- (संवाददाता) संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में पिछले 10 माह से 3 कृषि कानून, बिजली संशोधन बिल 2020 की वापसी व फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चत करने की मांग पर पूरे भारत में लगातार आन्दोलन जारी है। किसानों की मांग के विषय पर भारत सरकार के अड़ियल रूख, जिसके तहत जनवरी माह के बाद मोदी सरकार द्वारा किसान नेतृत्व के साथ वार्ता न किया जाना है, ने किसान आन्दोलन के नेताओं को 27 सितम्बर 2021 के भारत बंद का आवह्न करने पर मजबूर किया। जिसे आज पूरे देश में व्यापक समर्थन मिला।

एस.के.एम. के ‘‘भारत बंद‘‘ के आहवान को राष्ट्रीय संयुक्त ट्रेड यूनियनों के मंच ने समर्थन दिया। इसी आहवान के तहत किसानों के ‘‘भारत बंद‘‘ के समर्थन में आज दिल्ली की संयुक्त ट्रेड यूनियनों के सैंकड़ों कार्यकर्ता सुबह 11 बजे बैंक ऑफ बाड़ौदा, संसद मार्ग के सामने एकत्रित हुए। वहाँँ से जुलूस बनाकर गगन भेदी नारे लगाते हुए संसद मार्ग की तरफ कूच किया। लेकिन पुलिस ने बेरिकेडिंग करते हुए प्रदर्शनकारियों को बीच में ही रोक दिया और जुलूस सभा में तब्दील हो गया। 

सभा को संयुक्त ट्रेड यूनियनों के नेता का0 अमरजीत कौर, महासचिव, एटक, का0 हरभजन सिंह सिधु, महासचिव, एच.एम.एस., का0 अनुराग सक्सेना, मंहामंत्री सीटू दिल्ली, का0 अमर रावत, सचिवमंडल सदस्य एआईयूटीयूसी, का0 हन्नान मोलाह, महासचिव अखिल भारतीय किसान सभा व एसकेएम सचिवमंडल सदस्य, का0 लता, सेवा, का0 सुचिता डे, ए.आई.सी.सी.टी.यू., का0 आर.एस. डागर, का0 संतोष व का0 श्रीनाथ, आई.सी.टी.यू. आदि नेताओं ने सम्बोधित किया। 

मौके पर का0 तपन सेन, राष्ट्रिय महामंत्री सीटू मौजूद रहे। आज के कार्यक्रम में एकजुटता के तहत जनवादी महिला समिति, NFIW व SFI के नेता व कार्यकर्ताओं ने भी भागीदारी की। वक्ताओं ने मसले का हल न होने के लिए कॉरपोरेट घरानों के दवाब में काम कर रही केन्द्र सरकार के जनविरोधी, अलोकतांत्रिक रवैए की तीखे शब्दों में आलोचना की। प्रदर्शन के माध्यम से वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में केन्द्र सरकार से तीनों कृषि कानून, 4 लेबर कोड वापस लेने, कमरतोड़ मंहगाई और छंटनी, बेरोजगारी पर लगाम लगाने हेतु कारगर कदम उठाए जाने, सरकारी क्षेत्र में खाली पदों पर भर्ती करने, सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। वक्ताओं ने केन्द्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उपरोक्त मांगों पर गम्भीरता से विचार नहीं किया जाता है तब तक ये आन्दोलन जारी रहेगा। गगन भेदी नारों के साथ सभा की समाप्ति की घोषणा की गई। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त प्रेस विज्ञप्ति अनुराग सक्सैना संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच दिल्ली की ओर से जारी की गई

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