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खीरी में देवदूत बनकर आए एनडीआरएफ के जवानो को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने किया सम्मानित

लखीमपुर ब्यूरो

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने की घोषणा, खीरी में रेस्क्यू में लगी एनडीआरएफ टीम को मिलेगा फ़ॉर लाइफ सेविंग अवार्ड

लखीमपुर खीरी । सोमवार को कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित हुआ। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री भारत सरकार व खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी ने विधायक योगेश वर्मा, डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया की मौजूदगी में एनडीआरएफ जवानों को खीरी में बाढ़ के दौरान बचाव व राहत कार्यो में निभाई गई शानदार भूमिका के लिए सम्मानित किया।

कार्यक्रम की शुरु में प्रशासन व एनडीआरएफ़ ने मिलकर बाढ़ बचाव एवं राहत कार्यों की डॉक्यूमेंट्री दिखाकर अपना प्रजेंटेशन दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि अपनी जान जोखिम में डालकर बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को संकट की इस घड़ी से निकालने के लिए हम हमेशा इन देवदूत रूपी बहादुर सिपाहियों के आभारी रहेंगे। यह इस बल की कार्यकुशलता का ही परिणाम है कि इस आपदा के दौरान होने वाले जान माल के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सका। बाढ़ में प्रशासन ने पूरी तत्परता से काम किया। 90 वर्षों बाद सबसे ज्यादा नदियों में डिस्चार्ज हुआ। रेस्क्यू ऑपरेशन में इस बल ने अपने उद्देश्यों, इच्छाशक्ति व संकल्प को साथ रखते हुए काम किया। उन्होंने उनके कार्य को देखते हुए गृह मंत्रालय की ओर से फ़ॉर लाइफ सेविंग अवार्ड देने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि पीएम व गृहमंत्री डिसीजन मेकर व रिजल्ट मेकर है, उसी के अनुरूप आज हमारे सारे दल काम कर रहे हैं। इंडिया रेप और प्रशासन ने सम्मिलित और समेकित प्रयास करते हुए अच्छे परिणाम दिए हैं। डीएम ने समय पर निर्णय लेते हुए हम लोगों को सूचना दी एवं आवश्यक प्रबंध किए। डीएम व उनकी पूरी टीम ने जिस प्रकार से काम करके खीरी से बड़ी त्रासदी को टाला है, वह काबिले तारीफ है।

विधायक (सदर) योगेश वर्मा ने कहा कि जिले में एनडीआरएफ के जवानों ने अपने सौर्य व पराक्रम से प्रभावित लोगो की जान बचाई। जिसकी जिलेभर में चहुओर प्रशंसा हो रही। डीएम ने बताया कि बाढ़ की चेतावनी मिलने के बाद लोगों को बचाने के लिए सेना व एनडीआरएफ के जवानों को ज़िले में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि विपरीत हालातों में जवानों ने केवल लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, बल्कि बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी तो इन्होंने और भी शानदार सेवाएं दीं। इन जवानों ने मोटरबोट के जरिये बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की। जवानों की बहादुरी के साथ की गई मानवता की सेवा के लिए इनको हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दल ने अपनी जान की बाजी लगाकर 530 लोगों को रेस्क्यू किया।

एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट नीरज ने बताया कि कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा के दिशा निर्देश व उनके नेतृत्व में दल की तीन यूनिट ने खीरी में जिला प्रशासन के सहयोग से युद्ध स्तर पर बाढ़ बचाव व राहत कार्यों को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर उन्होंने एयरफोर्स के साथ भी ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर लोगों की जान बचाई। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने आपदा सेवा सदैव सर्वत्र मंत्र पर काम किया।

इनका हुआ सम्मान :
डिप्टी कमांडेंट नीरज कुमार, इस्पेक्टर मिथिलेश कुमार, सभाजीत सहित 03 टीमो के 63 रेस्क्यूवर का सम्मान हुआ।

इनकी रही मौजूदगी : सीडीओ अनिल कुमार सिंह, सीएमओ डॉ शैलेंद्र भटनागर, एडीएम संजय कुमार सिंह, एसडीएम डॉ अरुण कुमार सिंह, राजेश कुमार, एसीएमओ डॉ वीसी पंत, डॉ आदिम, सीवीओ डॉ अजित सिंह।

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