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वाराणसी कचहरी बम ब्लास्ट की 14वीं बरसी आज, अधिवक्ताओं ने नम आंखों से साथियों को किया याद

वाराणसी

वाराणसी। 23 नवम्बर 2007 को वाराणसी कचहरी में हुए आतंकवादी धमाके की आज 14वीं बरसी है।  ऐसे में अधिवक्ताओं ने मंगलवार को कचहरी में बने शहीद स्थल पर पहुंचकर इस बेम धमाके में शहीद हुए 3 अधिवक्ता साथियों को नम आँखों से याद किया और उनकी याद में मोमबत्तियां जलाई। इस बम ब्लास्ट में 3 अधिवक्ताओं सहित 9 की जान गयी थी। इस दौरान घायल हुए अधिवक्ता वशिष्ट कुमार मिश्रा भी मौजूद रहे।  वशिष्ट ने बताया कि धमाके के साथ मै इस हादसे में मृत अधिवक्ता ब्रह्मप्रकाश मिश्रा और मेरा मुंशी अजय साथ ही। इन दोनों की मौत हुई और मै गंभीर रूप से घायल हो गया। मुझे अस्पताल में कई दिन के बाद होश आया। मेरा एक पैर बेकार हो चुका है। वशिष्ट ने बताया कि प्रशासन ने कोई मदद नहीं की हमारी आज तक बस वादे हुए। तत्कालीन मायावती सरकार ने भी कुछ नहीं किया बस ATS का गठन हुआ। उन्होंने मांग की कि जिला प्रशासन हमारे बकाया बिल को पे कर दे और कचहरी की सुरक्षा और पुख्ता करे क्योंकि आज भी यहां सुरक्षा में आसानी से सेंधमारी की जा सकती है। द बनारस बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि इस जगह जहां हम आज अपने अधिवक्ता साथियों को याद कर रहे हैं। वहां साइकिल में रखा बम ब्लास्ट हुआ।  पहले दीवानी में और फिर कलेक्ट्रेट कैम्पस में धमाका हुआ और 9 लोगों को अपनी ज़िन्दगी से हाथ धोना पड़ा था। इसमे अधिवक्ता भोला सिंह, ब्रह्मप्रकाश शर्मा और बुद्धिराज पटेल की भी जान चली गयी थी। इसके अलावा 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। आज हम सभी ने उन्हें नम आँखों से याद किया है।   अधिवक्ता नित्यानंद राय ने कहा कि उस समय तत्कालीन सरकार ने कचहरी की सुरक्षा के बड़े-बड़े वादे किये थे पर को वादा पूरा है हुआ, जिसकी बानगी 23 अप्रैल 2016 को देखने को मिली जब कचहरी परिसर में ज़िंदा बम बरामद हुआ। इस  मामले में पुलिस कुछ कर पाती की 21 फरवरी 2018 को असामाजिक तत्वों ने सीजीएम कोर्ट के बाहर सुतली बम रखकर दहशत फैला दी। नित्यानंद राय ने बताया कि हाल ही में कचहेर कम्पाउंड की दीवार को ऊंचा किया गया है पर अभी भी यह सुरक्षा नाकाफी है जिसपर सरकार और जिला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। इस मौके पर सेंट्रल बार अध्यक्ष अशोक उपाध्याय, महामंत्री कन्हैया पटेल, बनारस बार के अध्यक्ष विनोद पांडे, महामंत्री विवेक सिंह, पूर्व महामंत्री नित्यानन्द राय, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष घनश्याम सिंह भेलखा, सुनीत सिंह, सत्य प्रकाश सिंह, प्रमोद सिंह, अरविन्द पांडे, पंकज प्रकाश पांडे, डी एन यादव, आशुतोष पांडे, राकेश पांडे, अमित उपाध्याय, विमला यादव, प्रभाशंकर मिश्र, मणिशंकर द्विवेदी, चन्द्रशेखर उपाध्याय, दीपक राय कान्ह, चन्दन सिंह, विनोद पांडे भैयाजी, ब्रजेश दीक्षित आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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