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दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन चुनाव पर विवादों का साया, मौजूदा अध्यक्ष ने प्रक्रिया पर उठाये सवाल

वाराणसी ब्यूरो

वाराणसी। द सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की चुनाव प्रक्रिया पर बार के मौजूदा अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय ने सवालिया निशान लगते हुए चुनाव प्रक्रिया को वर्तमान बाईलाज से न कराने का आरोप लगाया। अध्यक्ष अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि इस चुनाव कार्यक्रम को रद्द करने की मांग के साथ एक पत्र एल्डर्स कमेटी (चुनाव करवा रही कमेटी) को लिखा है। यदि वो इसपर कार्रवाई नहीं करते हैं तो हम विधिक कार्रवाई के लिए अपने एक्सपर्ट्स से संपर्क में हैं। अशोक उपाध्याय ने साफ़ किया कि यह पूरी प्रक्रिया गलत है और इसे एल्डर्स कमेटी को तुरंत रद्द करना चाहिए।

इस सम्बन्ध में एक प्रेस कांफ्रेस कर अशोक उपाध्याय ने बताया कि दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन ‘बनारस’ वाराणसी पूर्वांचल का एतिहासिक व गरिमामयी बार है इसमें अधिवक्ताओं की संख्या लगभग 8000 है, इधर बिच विगत कुछ वर्षों से कचहरी परिसर का वार्तावरण वकालत से इतर होकर चुनावी ज्यादा होने लगा जिसमें नवागत अधिवक्ताओं का सदुपयोग न होकर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरूपयोग होने लगा। इन सभी बातो पर कचहरी के तमाम वरिष्ठ व नवजवान अधिवक्ताओं से व्यापक विचार विमर्श करने के बाद प्रबन्ध समिति व आम सभा द्वारा वर्ष 2021 ई० में दस वर्ष के नीचे व दस वर्ष के उपर के दो-दो पदो के आम राय होने पर अधिवक्ताहित में समाप्त करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष वकालत 20 वर्ष से उपर और एक कनिष्ठ उपाध्यक्ष वकालत अनुभव 10 वर्ष से उपर का पद स्थापित कर नियमानुसार वैधानिक रूप से बार के बाईलांज में संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन ‘बनारस’ वाराणसी चिट्स फन्ड सोसायटी से रजिस्टर्ड है। दी सेन्ट्रल बार एसोसिएशन ‘बनारस’ वाराणसी का रजिस्टेशन माह अक्टूबर 2020 में ही समाप्त हो गया था जिसकी जानकारी होने पर संशोधित बाईलांज 2021 पंजीकरण एवं नीवीनिकरण कराया गया। इसके बावजूद एल्डर्स कमेटी के चेरयमैन शिवानन्द पाण्डेय और 4 सदस्य कमशः बच्चन सिंह, सुरेश कुमार श्रीवास्तव, मजाहिरूल खा व जय प्रकाश सिंह नामित ने बिना किसी सोच विचार के आगामी बार चुनाव 2017 के बाइलाज पर घोषित किया है जो कि पूरी तरह से गलत है। अशोक उपाध्याय ने कहा कि हमने एक पात्र एल्डर्स कमेटी को लिखकर इस चुनाव को रद्द करने की मांग की है। इसके अलावा हम अधिवक्ताओं के संपर्क में भी हैं और वैधानिक राय ले रहे हैं।

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