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मांडू में तीन देशाें के मधुर संगीत का संगम – इटली, इजराइल व इंडिया के ख्यात कलाकारों ने दी प्रस्तुति

मांडू । मप्र – मध्य प्रदेश टूरिज्म एवं मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ह्रदय दृश्यम समारोह के पांचवें संस्करण का सुरीला समापन ऐतिहासिक नगरी मांडू में हुआ। इस आयोजन की खासियत यह रही कि यहां तीन देश इजराईल, इटली और इंडिया के संगीत कलाकारों का संगत हुआ। सबसे पहली प्रस्तुति  सुश्री लाइरन मेय्युहास इजराइल की हुई। पर्कशन म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट के माध्यम मांडू की वादियों में सूरों की मिठास घोल दी।

कार्यक्रम का धरमपुरी विधायक पाचीलाल मेड़ा, धार अनुभाग की एसडीएम नेहा शिवहरे, तहसीलदार सुरेश नागर, मांडू नगर परिषद के सीएमओ सुशील सिंह ठाकुर के साथ प्रस्तुति देने आए तीनों कलाकारों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

बता दें कि प्रदेश की राजधानी भोपाल से इस सांस्कृतिक यात्रा की शुरुआत हुई थी। इसके अन्य चरण बाटेश्वर और इंदौर में हुए। धार जिले के ऐतिहासिक शहर मांडू को सुरमई यात्रा का समापन के लिए चुना गया। जहां ऐतिहासिक धरोहर के साक्ष्य के बीच में तीन देशों की सुरीली तान का संगम हुआ।

इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति

-सुश्री लाइरन मेय्युहास इजराइल देश की पर्कशन म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने वाली एक ख्यात अंतर राष्ट्रीय तालवादक महिला कलाकार है। कलाकारों के समहू में भी बतौर गायक के रूप में कई अंतराष्ट्रीय मंचों पर प्रस्तुति दे चुकी है। वे पर्कशन म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स का प्रशिक्षण भी देती है। वे कई प्रकार के मधुर संगीत की निर्माता कर चुकी है।

-अंतर राष्ट्रीय परिदृश्य के कई संगीत कलाकारों  के साथ काम कर चुके इटली देश के जैज़ संगीतकार श्री माटटियो फ्राबोनी के पास जैज़ संगीत में डिग्री है। फ्रैबोनी के अनुसार उनके लिए भारत देश नया नहीं है। वे यहां आते रहे है और भारत में संगीत से उनका नाता रहा है।

-बांसुरी वादक श्री राकेश चौरसिया महान बांसुरी वादक पंडित हरि प्रसाद चौरसिया के भतीजे है। राकेश जी ने एक कुशल बांसुरी वादक के रूप में अपने लिए एक जगह बनाई है। पिछले एक दशक में शास्त्रीय से लेकर जैज़ और ग़ज़ल सहित कई एलबम निकाले हैं। उन्होंने अपने महान चाचा की परंपरा को शामिल करते हुए और अपनी व्यक्तिगत शैली का संचार किया। संगीत का एक ऐसा रूप बनाया है जो बांसुरी की शुद्धता को बनाए रखते हुए युवा श्रोताओं का भी ध्यान आकर्षित करने में सफल रहता है।

  ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के लिए मांडू में आयोजन हुआ।

हृदय दृश्यम संगीत समारोह ने प्रदेश को संगीत के रंगों से सरोबार किया। समाज को सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने के उद्देश्य से इस समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह समाज के सामने प्रदेश के संगीत की विरासत को प्रदर्शित करेगा। संगीत की विरासत को ऐतिहासिक विरासत से जोड़ने के लिए मांडू में सांस्कृतिक प्रस्तुति की गई। कार्यकम को संचालन प्रवीण शर्मा ने किया।

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