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सभी सड़कें जहां गड्ढे हो उनको बारिश के पहले रिपेयर कर ले – सांसद श्री दरबार

धार : मप्र । प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग सभी सड़कें जहां गड्ढे हो उनको बारिश के पहले रिपेयर कर ले। इसके साथ ही सड़कों में जहां पर भी शोल्डर का इशू है, उसे क्लियर करें। पनाल से खट्टामी व करजवानी के रोड से झाड़ियों को हटाए। स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए कैंप लगाएं। यह निर्देश सांसद श्री छतर सिंह दरबार ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय निगरानी समिति की बैठक में दिए। 
       बैठक में विधायक श्रीमती नीना वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मालती पटेल, कलेक्टर डॉक्टर पंकज जैन, जिला पंचायत सीईओ श्री केएल मीणा  व समिति के सदस्य साथ थे।


      

बैठक में निर्देश दिए गए कि 12 से 14 वर्ष के बच्चों का कोविड-19  वैक्सीनेशन प्रथम व द्वितीय डोज शत प्रतिशत रहे। 60 से अधिक आयु के लोगों का शत प्रतिशत कोविड-19 वैक्सीनेशन हो।  इसके लिए घर घर का जाकर लोगों को मोटिवेट करें, जनप्रतिनिधि भी इसमें अपना सहयोग दें। स्वास्थ विभाग के भवन जो पूर्ण हो गए, किंतु उनका उपयोग नहीं किया जा रहा है, उनको शीघ्र ही हैंडओवर करें।  तीन दिन में सभी भवनों को हैंडओवर किया जाए।  सभी  आरोग्य केंद्र में सीएचओ रहे और वही निवास भी करें, यह सुनिश्चित किया जाए। ट्रॉमा सेंटर पर ध्यान दिया जाए, इसे इमरजेंसी स्टैंडर्ड करें। यह प्रयास किया जाए कि सभी ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव हो, जनप्रतिनिधियों की मदद से इस कार्य में प्रगति लाएं। गर्भ धारण की पहली तिमाही में ही महिला का पंजीयन कर लें ताकि उन्हें बाद में प्रसव सम्बन्धी योजना के लाभ से वंचित ना होना पड़े। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिन महिलाओं की डिलीवरी दूसरी जगह हो रही है उनकी जानकारी भी रखी जाए।

संस्थागत प्रसव हो होम डिलीवरी ना हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जाए। गर्भवती महिलाओं की  तीन माह की जानकारी शत प्रतिशत हो। जिला चिकित्सालय में 2 व 3 जून को आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेले का पर्याप्त प्रचार-प्रसार हो। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में जिन कृषक को लाभ नहीं मिला है, उनके लिए कार्यवाही की जाए। किसानों को अनुदान के अलावा भी जिन कृषक को बीज की आवश्यकता है उन्हें बीज निगम के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर पत्र लिखा जाए। कृषकों को प्राकृतिक खेती के लिए मोटिवेट किया जाए। नरवाई ना जलाने के लिए लोगों को लगातार जागरूक करें। मृदा परीक्षण के मूल बिंदु पर ध्यान दिया जाए। कृषको को मृदा परीक्षण कराने के लिए प्रेरित करें, इसके लिए उनकी काउंसलिंग की जाए। उन्हें बताए कि यह उनके हित के लिए है । सिकल सेल एनीमिया के लिए सभी क्षेत्रों में परीक्षण करें, जहां पर इसके पॉजिटिव केस आते  हैं वहां पर विशेष ध्यान दिया जाए। देवारण्य तथा बंबू मिशन की पूरी जानकारी प्रस्तुत की जाए, इसका पर्याप्त प्रचार प्रसार करें। इसके साथ ही पीथमपुर में डाबर कंपनी से भी चर्चा की जाए। किसानों को इसके लिए टाइअप करें, इसकी पूरी जानकारी उन्हें दी जाए।  0 से 5 वर्ष के बच्चों का सर्वे जमीनी स्तर पर एक्यूरेट हो। इसके साथ ही प्राइवेट अस्पताल तथा नर्सिग से भी डाटा लिया जाए । पोषण आहार की गुणवत्ता देखने के लिए समिति का गठन किया जाए।  जिन बच्चों ने अपने माता पिता को कोविड कॉल में खोया है, वे बच्चे आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित ना रहे, इसके लिए महिला बाल विकास विभाग कार्रवाई करता रहे। जनप्रतिनिधिगण आंगनवाड़ी केंद्र की लगातार मॉनिटरिंग करें। देखें सभी केंद्रों में बच्चों के लिए खिलौने उपलब्ध रहे और वे उसका उपयोग कर रहे हों। विद्युत विभाग यह सुनिश्चित करें कि जहां पर भी ट्रांसफार्मर जलने की समस्या आती है तो उसे शीघ्र बदला जाए। 

कहीं पर भी कम वोल्टेज के कारण पानी की मोटर ना चलने की बात ना आए। जहां ऐसी दिक्कत हो उसे ठीक किया जाए।  विद्युत विभाग यह सुनिश्चित करें कि जिन जगहों से पानी की सप्लाई होती है वहां की विद्युत लगातार बनी रहे , उसमें किसी प्रकार की कोई समस्या ना आए। इसके लिए पीएचई , विद्युत विभाग लगातार कार्यवाही करते रहे।  बैठक में ग्रामीण रोजगार योजना पर मजदूरी व अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।  बैठक में कहा कि स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत सामुदायिक स्वच्छता परिसर में शत प्रतिशत लक्ष्य को पूर्ण किया जाए‌। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण में गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग करें। स्कूलों में देखा जाए कि सभी बच्चों को गुणवत्ता वाला खाना मिले । जल जीवन मिशन में जहां कार्य पूर्ण हो गया है, वहां पर उसकी सप्लाई को देखा जाए कि हर घर तक पानी उपलब्ध हो रहा है।  जिन स्थानों पर पानी नहीं पहुंच पा रहा है वहां पर सप्लाई उपलब्ध होने पर ही ठेकेदार को भुगतान किया जाए । पानी के लिए  अलर्ट रहें, कहीं भी कोई समस्या ना आए  । स्वसहायता समूह द्वारा बच्चों के लिए बनाए जा रहे गणवेश की मॉनिटरिंग करते रहें और यह सुनिश्चित  करें कि इसमें कोई  मेडिएटर न आए । जिन स्कूलों में बाउंड्री वॉल नहीं है वहां उसकी व्यवस्था की जाए, जिससे स्कूल की जमीन को अतिक्रमण से बचा कर सुरक्षित किया जा सके। ग्रामीण क्षेत्र में हर पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्ची मिले, इसके लिए सचिवों को निर्देशित किया जाए । साथ ही बचे लोगों के लिए कैंप लगाया जाए।

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