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इंदौर : हैट्रिक की ओर बढ़ते कदम, खजराना की जनता को रुबीना इकबाल खान पर भरोसा।

इंदौर : मप्र। मध्य प्रदेश के महानगर इंदौर में चुनावी बिगुल बजा हुआ है। चारों ओर राजनीतिक घमासान के चलते प्रत्याशी अपनी लोकप्रियता को साबित करने में लगे हुए हैं। हर पार्टी के उम्मीदवार हर हाल में विजय प्राप्त करने में प्रयासरत है, जिसके लिए वह सड़कों पर उतर कर जनता के बीच उनके अमूल्य मत को हासिल करने के हर संभव प्रयास कर रहा है। महापौर व पार्षद पद के लिए इस बार जिन प्रत्याशियों को पार्टी ने चुना है जिसके बाद कहीं मनमुटाव तो कहीं खुशियां तो कहीं अपने-अपने नेता को टिकट नहीं मिलने की नाराजगी दिखाई दी थी। लेकिन देखते ही देखते समय गुजर गया और कुछ दिन में मतदान होने को है। देखा जाए तो हर वार्ड में कशमकश माहौल बना हुआ है, हर पार्टी के कार्यकर्ता अपने उम्मीदवार के लिए प्रचार-प्रसार तथा व्यक्तिगत संबंधों, तथा विकास के मुद्दो के माध्यम से वोट मांग रहे है।


बात करें वार्ड क्रमांक 39 खजराना की तो यहां कांग्रेस से रुबीना इकबाल खान और बीजेपी से हेमलता रामेश्वर चौहान इसके अतिरिक्त निर्दलीय से भी उम्मीदवारों ने अपनी जोर आजमाइश की है। देखा जाए तो इस सीट पर रुबीना इकबाल खान परिवार का दबदबा और कब्ज़ा रहा है, अपनी कार्यशैली और मिलनसार व्यवहार, विकासशील सोच के कारण जनता 10 सालों से पार्षद के रूप में रुबीना इकबाल खान को देख रही है, यही नहीं बल्कि पिछली बार पार्टी से टिकट नहीं मिलने के कारण निर्दलीय उम्मीदवार होकर चुनाव जीता और वार्ड वासियों की सेवा कि। इस बार कांग्रेस कोई चूक नहीं करना चाहती थी जिसके चलते कांग्रेस पार्टी ने रुबीना इकबाल खान को टिकट देकर भरोसा जताया है। ज्ञात हो कि खजराना मुस्लिम बहुल इलाका होने के साथ-साथ बहुत ही तेजी से विकसित होने वाला क्षेत्र है। यहा विकास के बल पर ही पार्षद चुनकर आते हैं। जैसे पिछले 10 वर्षों से रुबीना इकबाल खान द्वारा क्षेत्र को डिवेलप करने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, जनता के बीच अपनी लोकप्रिय छवि को बनाए रखने के लिए हमेशा उनके लिए आवाज उठाते रहे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इकबाल खान भी समय-समय पर जनता के बीच उपस्थित होकर छोटे बड़े मुद्दों पर जनता के हित में फेसले किए।
अपने क्षेत्र के विकास और अमन शांति बने रहने के लिए रुबीना इकबाल खान परिवार द्वारा समाज सेवा के रूप में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, आज जिनकी पहचान किसी की मोहताज नहीं है। पार्टी के कद्दावर नेता के रूप में इकबाल खान एवं उनकी पत्नी रुबीना खान तथा पुत्र शाहनवाज राजनीति के क्षेत्र में तीनों सक्रिय रहे हैं। जिनकी गतिविधियों से आला पदाधिकारी भी अवगत है। इकबाल खान वरिष्ठ नेता होने के साथ-साथ एआईसीसी ने भी अपनी मजबूत पकड़ रखते हैं। जिनके कारण पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी इंदौर के मुद्दो पर उनके करीब रहते हैं। इन्हीं कारणों से पार्टी ने प्रत्याशी के रूप में रुबीना इकबाल खान का टिकट तय किया है। खजराना की आवाम और कार्यकर्ता भी उत्साह के साथ प्रचार प्रसार में जुटे हुए हैं तथा मतदान के लिए उत्साहित है। पहले चरण में 6 जुलाई को मतदान होगा। 17 जुलाई को मतगणना व परिणामों की घोषणा होगी।

जनता से रूबरू हुए रुबीना खान

फेसबुक लाइव सोशल मीडिया के माध्यम से रूबरू होकर रुबीना इकबाल खान ने अपने मतदाताओं और खजराना की लोकप्रिय जनता से कहा कि विपक्ष में बौखलाहट है, उन्हें अभी से ही हार का डर सताने लगा है। जनता एक विचार के साथ अपने वोट का इस्तेमाल सोच समझ कर करें। उन्होंने बताया कि विरोधियों द्वारा कई प्रकार के षड्यंत्र रचे जा रहे है जिससे कि जनता का दिमाग भटकाया जाए, लेकिन सभी को मतदान होने तक संयम बना कर रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष और विरोधियों द्वारा मनगढ़ंत विवाद भी पैदा किए जाएंगे लेकिन किसी भी कार्यकर्ताओं को बिना विवाद को बढ़ावा दिए मतदान करना कराना होंगे। उन्होंने कहा कि मैंने जमीनी स्तर पर जनता के बीच रहकर अपनी सेवाएं दी है और हमेशा उन्हीं के बीच रहकर उनके हर कार्य को पूरे करने की पूरी कोशिश करती हूं। उन्होंने कहा कि विरोधी हार के डर से मंच तथा वाहनों के माध्यम से किए जा रहे प्रचार में अपशब्दों तथा मन भड़क बातों का उपयोग कर रहे हैं और इस गंदी मानसिकता से वह हमे हरा नहीं सकते। उन्होंने बताया कि बीते दिन पत्थर फेंकने जैसे इल्जाम लगाते हुए माहौल को खराब करना और लोगों की मानसिकता में गंदे विचार पैदा करने के उद्देश्य से विवाद जैसी स्थिति बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग व महिलाएं वर्तमान स्थिति में खजराना को बेहद गंदा, बदबूदार और नहीं रहने योग्य बता रहे है, जबकि खजराना पहले से बेहतर स्वच्छ, साफ और वली की दरगाह वाला क्षेत्र है जहां प्लॉट के भाव भी आसमान छूने लगे हैं लोग रहने के लिए खजराने को चुन रहे हैं। और खजराना खुद्दार लोगों का क्षेत्र है जहां पर ना वोट बिकते हैं नाही यहां झूट की राजनीति चलती है। पानी, स्ट्रीट लाइट, कॉलोनी डेवलेप जैसी समस्या के साथ साथ जनता का मनोबल बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। श्रीमती खान ने कहा कि हार के डर से लोगों के बीच बेहूदा बाते तथा अपशब्दों का प्रयोग कर, गंदगी फैलाते हुए जो राजनीति की जा रही है इसकी मियाद ज्यादा नहीं होती, 6 तारीख को जनता इन्हें मुंहतोड़ जवाब देने के लिए उत्साहित है।

खजराने की आवाम, मेरी जिम्मेदारी

खजराना के भाईचारे और विकास के मुद्दों पर उंगली उठाने वाले लोगों से रुबीना इकबाल खान ने कहा कि मेरा खजराना मेरी जिम्मेदारी है यहां की आवाम के लिए मैं हमेशा लड़ती आई हूं और लड़ती रहूंगी। फिर चाहे वह विकास का क्षेत्र हो, प्रशासनिक आपदा या व्यक्तिगत जीवन हर क्षेत्र में मैं उनके साथ खड़ी हूं। उन्होंने कहा कि मुझे नीचा दिखाने के लिए मेरे विरोधी जो भी मेरे लिए आवाम के बीच गंदगी फैला रहे हैं मुझे आवाम को सफाई देने की जरूरत नहीं है। जनता खुद अच्छा बुरा समझती है वह यह अच्छी तरह समझती है कि कौन क्षेत्र के पार्षद बनने योग्य उम्मीदवार है और किसके पक्ष में मतदान करके खजराना की चाबी दी जाए। उन्होंने कहा कि लोगों को जानकारी नहीं है, उसके बाद भी नियमों की बात करते हुए लांछन लगा कर बात कर रहे हैं मैं उनसे कहना चाहती हूं कि संबंधित विभाग में जाकर सही और गलत को समझे उसके बाद आवाम के बीच बात करे और वोट मांगने जाए क्योंकि सही जानकारी नहीं होने के कारण कई बार अपने ही शब्दो पर शर्मिंदा होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हवा में बातें करना बहुत आसान होता लेकिन जमीनी स्तर पर काम करना और करवाना तथा उन मुद्दों को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने विरोधी पार्टियों पर हमला करते हुए कहा कि छोटे बच्चे और फेक आईडीयों से किसी भी व्यक्ति की इज्जत पर लांछन लगाना गंदी राजनीति का हिस्सा है जिसे विरोधी पार्टियां एक काबिल काम समझ रही है।
जब हमारे संवाददाता ने जानता से इन मुद्दो पर चर्चा की तो बताया गया की इकबाल खान साहब बेहतर लीडर है और आवाम के लिए बेहतर विचार रखने वाले व्यक्ति हैं, साथ ही उनकी पत्नी रुबीना खान भी जनता के बीच लोकप्रियता बनाए हुए हैं और जनता का मन इस बार भी रुबीना इकबाल खान के सपोर्ट में वोट डाल कर उन्हे हैट्रिक की और ले जाने की बात कही जा रही है।

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