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जिले भर में सटोरियों की धरपकड़, मनावर में कब गिरेगी गाज

सफेद नकाबपोशो की आड़ में हो रहे हैं अवैध धंधे, जल्द होगा खुलासा

मनावर : मप्र। बीते दिनों धार जिले में 49 लाख के गबन का खुलासा जिला प्रशासन द्वारा किया गया था, जिसमें सट्टे की लालच में आकर एक केशीयर द्वारा कंपनी के पैसों से सट्टा खेलने का प्रकरण दर्ज किया गया था। जिसके बदले 5 लोगों की धरपकड़ की गई थी।

जिसमें धार और मनावर तहसील के सिंघाना के कुछ लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी जिन पर प्रकरण भी किया गया है। लेकिन असल में जो सफेद नकाबपोश व्यक्तियों को पुलिस कब हिरासत में लेगी जिनकी आड़ में सट्टा संचालन किया जा रहा है। धार जिला आदिवासी बहुल क्षेत्र है जिसमें लोगों की आमदनी भी सीमित है और ऐसी दशा में सटोरिए अपनी दुकानों को संचालित करते हैं जिसकी वजह से गरीब जनता अपनी मेहनत की कमाई सट्टे में फूंक देती है।

ऐसे सटोरिए जो पर्दे के पीछे से इस अपराध को अंजाम दे रहे हैं अब समय आ गया है कि पुलिस उन लोगों की धरपकड़ शुरू करें और ऐसे लोग किसी एक जगह नहीं बल्कि हर तहसील में अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। और दिन के उजालों में शासन प्रशासन के बीच बैठकर अंजान बने हुए हैं। सट्टे की दुनिया में सट्टा खव्वाली व्यक्ति अपने एजेंटों के माध्यम से सट्टा संचालन कर रहे हैं, लेकिन दरअसल इनके पीछे के कुख्यात सफेद नकाबपोश बने बैठे हैं। कई बार तो ऐसा भी देखा गया है कि ऐसे सट्टा किंग संचालन लोग प्रशासन के बीच बैठकर शहर के फैसले भी करने लगे हैं। दरअसल पुलिस प्रशासन ऐसे व्यक्तियों की धरपकड़ करने के लिए हर संभव प्रयास करती है लेकिन भेरूपिये के भेष में पहचान से बाहर हैं। परंतु प्रशासन को अपना पंजा नुकीला करके ऐसे लोगों की धरपकड़ शुरू करना चाहिए। ताकि गरीब गुरबा व्यक्ति सट्टे के जंजाल में ना फंस कर अपनी आमदनी को सही जगह उपयोग करें।

कई घरों में रोजमर्रा की लड़ाई सिर्फ आमदनी के मसले पर होती है जिसमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपनी प्रतिदिन की आमदनी सट्टे और जुए में फूंक देते हैं। शासन प्रशासन इन लोगों को लगाम कसने के लिए हर संभव प्रयास करती है, परंतु अपनी चतुर चालाक चाल से यह लोग इस काम को अंजाम देते हैं। लेकिन सुना यह भी है कि पुलिस प्रशासन की सतर्कता अपराधियों से बढ़कर होती है। और अब वह समय आ चुका है कि पुलिस प्रशासन सटोरियों पर नकेल कसे साथ ही उनपर मुखबिर द्वारा निगरानी रखी जाए जिससे उनकी चाल चलन का पता लगाया जा सके।

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