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यूरिया की कालाबाजारी : निर्धारित मूल्य 266.50 रुपए प्रति बैंग यूरिया को 450 रुपए में बेचने पर FIR दर्ज


कुक्षी/धार : (मप्र.) उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास ने बताया कि जिले में विकासखण्ड कुक्षी में उर्वरक विक्रेता फर्म मेसर्स एग्रो ऑल एजेंसी प्रोपाईटर दिनेश देवजी कुक्षी द्वारा कृषक श्री नहारसिंह पिता जवरसिंह निवासी रामपुरा की शिकायत पर 3 बैंग यूरिया (45 किलो ग्राम प्रति बैंग) 450 रुपए प्रति बैंग के हिसाब से 1350 रुपए में विक्रय किये गये, जबकि शासन द्वारा निर्धारित यूरिया की किमत 266.50 रुपए प्रति बैंग है। इस प्रकार फर्म द्वारा किसान से यूरिया के 3 बैंग पर 549 रुपए अधिक लिए गये। कृषि विभाग की उर्वरक गुण नियंत्रण टीम द्वारा निरिक्षण में पाया गया कि किसानो को शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक पर विक्रय किया गया तथा फर्म पर डिस्प्लेबोर्ड पर विक्रय निर्धारित दरे, कृषक श्री नहारसिंह को विक्रय बिल नहीं दिया गया । बिल बूक आदि रिकॉडों का संधारण नहीं होने से फर्म पर उपस्थित रहकर टीम द्वारा किसानों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार किया गया एवं फर्म के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1956 की धारा 3/7 तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धाराओं का उल्लघन के कारण एग्रो ऑल एजेंसी प्रोपाईटर दिनेश देवजी के विरूद्ध कालाबाजारी एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लघंन करने के कारण एफ.आई.आर. दर्ज की गई।


इसी प्रकार कृषक श्री राजु निगवाल निवासी बडग्यार की प्राप्त शिकायत पर उर्वरक विक्रेता फर्म मेसर्स निकुंज ट्रेडिंग कम्पनी कुक्षी प्रोपाईटर श्री सुरेशचन्द्र माहेश्वरी निवासी सुसारी तहसील कुक्षी द्वारा कृषक से यूरिया के 1 बैग बोरी के 435 रुपए लिए गये जो राज्य शासन की निर्धारित दर से 166.50 रुपए अधिक लिए गये। इस कारण आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं का उल्लघन किया गया। फर्म के विरूद्ध कालाबाजारी एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्लघंन करने के कारण एफ.आई.आर. दर्ज की गई।


उप संचालक, कृषि एवं पंजीयन अधिकारी द्वारा फर्म मेसर्स एग्रो ऑल एजेंसी एवं मेसर्स निकुंज ट्रेडिंग कम्पनी कुक्षी के उर्वरक पंजीयन प्रमाण पत्र तत्काल प्रभाव से निलम्बित किये गये। उन्होंने जिले के किसानों से अनुरोध किया है कि शासन द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही उर्वरको की खरीदी करें। यदि कोई दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक पर उर्वरक विक्रय करते हैं एवं बिल नहीं देने पर संबंधित विकासखण्ड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को शिकायत करे एवं कृषि आदान खरीदी के समय किसान भाई बिल अवश्य प्राप्त करे।

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