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खाद की कालाबाजारी प्रकरण : नकली खाद बनाने के कारखाने को प्रशासन ने किया था सील, कहानी में नया मोड़, रात के अंधेरे के सील किया हुआ माल गायब, छानबीन के जुटे अधिकारी।



बड़ा सवाल : बनावटी खाद से किसानों को हुए नुकसान का जिम्मेदार कौन?

मनावर : (मप्र.) नगर के जवाहर मार्ग स्थित मैं. फतेहलाल बिजेलाल खाद दुकान पर नकली खाद को जब्त और नकली खाद बनाने के कारखाने को कृषि विभाग के उपसंचालक ज्ञानसिंह मोहनिया और तहसीलदार आरसी खातेडिया द्वारा कार्यवाही हेतु सील कर दिया गया था। लेकिन नकली खाद के जादूगरो द्वारा रातो रात साक्ष्य मिटाने और जब्त खाद को जगह से हटाने का मामला सामने आया है।



ज्ञात हो कि 26 अगस्त को रात्रि 9:00 बजे करीब अचानक कृषि और राजस्व विभाग का दल एसडीएम भूपेंद्र सिंह रावत के निर्देशन में खाद दुकान गोदाम पर जाता है, बाद पहुंचने के दुकान मालिक पंकज जैन एवं उसके पुत्र यश जैन को टेलिफोनिक चर्चा द्वारा बुलाया गया। मौके पर दुकानदार भी पहुंच जाता है मगर प्रशासनिक अमले को देख ताले की चाबी नहीं हो कर घर से लाने की बात बोल कर निकल जाता है। काफी देर इंतजार करने के बाद भी वह लौटकर नहीं आया, ऐसी दशा में प्रशासन ने अधिकारियों के बिच मीडिया की उपस्थिति में दुकान के ताले को थोड़ दिया था। जब दुकान के ताले को तोड़कर अधिकारी अंदर दाखिल हुए तो देखा की दुकान के पीछे वाले हिस्से में बड़ी मात्रा में डीएपी खाद का खुला ढेर साथ ही खाद पैकिंग की खाली थैलीयां एवं नकली खाद बनाने के उपकरण भी मिले थे। जिसके बाद प्रशासन के अधिकारियों द्वारा जांच कर पंचनामा मनाया गया, जिसमें दर्शाया गया है कि सूचना के आधार पर खाद दुकान पर छापा मारने के दौरान नकली खाद पैकिंग पॉलीथिन तथा बनाने के उपकरण, तोल काटा, मिलावट के लिए नमक, बलूरेत, बायो क्रेन कंपनी का प्रोमा केमिकल भी मिले जिससे कि यह प्रतीत होता है कि किसानों की फसल के साथ यह लोग किस प्रकार से धोखाधड़ी कर उन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं देखा जा सकता है। यह कार्रवाई लगभग रात 11:30 बजे तक चलती रही, माल का सैंपल भी लेकर जांच के लिए भेजा गया।

वहीं नगर की ऋषभ ट्रेडर्स पर भी छापामारी कार्रवाई की गई जिसमें 370 बोरी विभिन्न कंपनी का स्टॉक पाया गया था।

नकली खाद कारोबारी के प्रकरण के मामले में अब नया मोड़

जिस दुकान गोदाम को पुलिस प्रशासन द्वारा सील किया गया था उसी दुकान से साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से वहां जब्त की हुई पैकिंग बोरियों को रात के अंधेरे में चोरी कर ली गई। जब सुबह कार्रवाई हेतु तहसीलदार एवं दल बल के साथ वहां पहुंचे तो उक्त घटना का पता चला दुकान गोदाम में निर्माण कार्य चल रहा है जिससे ऊपरी हिस्सा खुला हुआ था और मौके पर रस्सी भी बरामद हुई जिसके जरिए बोरिया चोरी कि जाना संभव बताया जा रहा है इस मामले में पंकज जैन पर साक्ष्य मिटाने और शासकीय कार्य में बाधा डालने के लिए कार्यवाही की।

नकली खाद के कारण किसानों की हुई खराब फसलों का जिम्मेदार कौन ?

जाटपुर निवासी एक किसान ने मीडिया को बताया कि वह उक्त दुकान से मैं खाद लेकर गया था जो कि मैंने उस दिन ही मेरे खेत पर डाल दिया। लेकिन 15 दिन के बाद भी उसका कोई रिजल्ट नहीं आया, मेरी फसल खराब होने लगी है पत्ते खिरने लगे जिसके बाद में दुकानदार के पास गया और बताया मेरी फसल की ऐसी स्थिति हो रही है तो दुकानदार मुझसे बोला कि जो कंपनी का माल आता है वही तुम्हें दिया गया है इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। अब सवाल यह पैदा हो गया कि जिन किसानो की फसल इस खाद की वजह से खराब होने लगी है उनका जिम्मेदार क्या दुकानदार को ठहराया जाएगा ? उनकी भरपाई किससे की जाना चाहिए। या किसान ठगी का शिकार होकर बर्बाद फसल को लेकर बैठा रहेगा। देखा जाए तो उक्त दुकानदार से कुर्की कर इस नुकसान की भरपाई की जाना चाहिए।

तहसीलदार आर सी खतेडिया ने कहा

उक्त घटना को लेकर तहसीलदार ने कहा कि रातो रात साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से इन लोगों ने पैकिंग बोरियों को यहां से हटा दिया और मात्र 6 बोरी प्राप्त हुई जिसके साथ हमने 10 टन लगभग माल जब्त कर सरकारी गोदाम भेजने की प्रक्रिया की। इसके बाद संबंधित अधिकारी उचित करवाई करेंगे। उन्होंने बताया कि पत्रकारों और संबंधित अधिकारियों के सामने ताले को तोड़ा गया था और अंदर की वास्तविक स्थिति को देखा गया था लेकिन रात के अंधेरे का फायदा उठाकर ऊपरी हिस्से से कोई दुकान पर घुसा और रस्सी के सहारे उन बोरियों को रफा-दफा करने का काम किया।

उक्त कार्रवाई में राजस्व एवं कृषि, पुलिस विभाग की टीम उपस्थित रहे।

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