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दरगाह वारसी पर कुल के साथ हुआ तीन दिवसीय उर्स का समापन, उर्स के अंतिम दिन दरगाह वारसी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

इन्तिज़ार अहमद खान ब्यूरो चीफ़

इटावा। दरगाह अबुल हसन शाह वारसी पर चल रहे तीन दिवसीय उर्स का हाफ़िज़ सैयद वारिस अली शाह के कुल और प्रसाद वितरण के साथ समापन हो गया। उर्स को यादगार बनाने के लिए देश की नामचीन हस्तियों ने भाग लिया। अंतिम दिन दरगाह वारसी पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।
दरगाह वारसी पर अंतिम दिन महफिले समां का आयोजन किया गया जिसमें जावेद कव्वाल रामपुर ने कलाम पेश किया कि एक से बढ़कर एक हसीन है तुझ जैसा कोई नहीं मेरे सरकार आए मेरे सरकार आए। सरफराज रामपुर में कलाम पढा अंधेरी रात है साया हो नहीं सकता यह कौन है जो मेरे साथ चल रहा है मेरे वारिस या वारिस या वारिस। अफान वारिस देवा शरीफ ने कलाम पढा अली का लाडला बेटा हुसैन काफी है तेरे घर का सदका हुसैन काफी है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दरगाह पर चादरें चढ़ाकर मन्नतें मांगीं। रोशनी से जगमगाती दरगाह वारसी पर देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। झारखंड के पूर्व राज्यपाल एवं इलाहाबाद व उड़ीसा के पूर्व चीफ जस्टिस आई एम कुद्दुसी, देवा शरीफ दरगाह के गद्दी नशीन साद महमूद वारिस उर्फ सद्दू मियां सहित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चचेरे भाई जिला पंचायत अध्यक्ष अंशुल यादव, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, नगर अध्यक्ष वसीम चौधरी, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद, केपी शाक्य, एसएम मुस्तक़ीम, रिजवान कुरैशी, शावेज़ नक़वी, व्यापारी नेता आलोक दीक्षित, कामिल कुरैशी सहित तमाम नामचीन हस्तियों ने दरगाह वारसी पर आयोजित उर्स में शिरकत कर माथा टेका। दरगाह अबुल हसन शाह वारसी ट्रस्ट के ऑनरेरी सेकेट्री हसनैन वारिस वारसी हनी ने मेहमानों सहित कव्वालों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उर्स में सीएमओ के निर्देशन में लगे स्वास्थ्य कैम्प में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर फ्री दवाओं का वितरण किया गया।

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