Breaking News

अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी कहानी : चिला नहर में डूबती रही अंकिता, आरोपी जाम छलकात रहे।

वनन्तरा रिसार्ट के अंदर चल रहे अनैतिक कार्यों का राजफाश न हो, इसके लिए अंकिता को पूरी तरह से षडयंत्र रचकर ठिकाने लगाया गया। पहले आरोपित उसे बहाने से ऋषिकेश लाए और जब नहीं मानी तो चीला नहर में फेंक दिया। अंकिता ने डूबने से पहले दो बार पानी की लहरों से बाहर निकलकर बचने का प्रयास भी किया लेकिन हत्यारे उसके डूबने का इंतजार करते रहे। सच उगलवाया तो हर कोई हैरान रह गया।

गुमशुदगी से लेकर हत्या तक पहुंचे इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने आरोपितों से सच उगलवाया तो हर कोई हैरान रह गया। अपर पुलिस अधीक्षक शेखर सुयाल ने जब संदेह होने पर शुक्रवार सुबह तीनों आरोपित रिसार्ट मालिक पुलकित और प्रबंधक सौरभ समेत सहायक प्रबंधक अंकित को गिरफ्तार किया तो रिसार्ट में चल रहे अनैतिक कार्यों से लेकर अंकिता हत्याकांड तक की समस्त कड़ि‍यां खुल गईं।

जांच में सामने आया कि तीनों आरोपित अंकिता पर ग्राहकों को खुश करने दबाव डालते थे। अंकिता राजी नहीं हुई और उसने यह बात अपने सहयोगी को बता दी। जिससे आरोपित उससे नाराज हो गए व उनका अंकिता से विवाद भी हुआ। जब उन्हें अंकिता के रिसार्ट छोड़कर जाने की तैयारी का पता चला तो उन्होंने उसकी हत्या का षड्यत्र रचा।

पुलिस के मुताबिक 18 सितंबर की रात पुलकित, सौरभ और अंकित ऋषिकेश घुमाने के बहाने अंकिता को साथ ले आए। अंकिता सौरभ के साथ बाइक पर बैठी जबकि पुलकित व अंकित स्कूटी पर गए। ऋषिकेश में बैराज होते हुए चारों लोग एम्स के पास पंहुचे। वहां चारों में कुछ देर बात हुई और फिर वापस चले। वापसी में पुलकित ने अंकिता को स्कूटी पर बैठाया, जबकि सौरभ व अंकित बाइक पर चले।

बैराज चौकी से कुछ आगे पहुंचने पर सभी चीला नहर किनारे रुक गए। पुलिस ने बताया कि यहां पुलकित, सौरभ व अंकित ने खराब पी। इस दौरान रिसार्ट के अनैतिक कार्यों को लेकर पुलकित और अंकिता का फिर विवाद हो गया।

अंकिता ने चेताया कि वह रिसार्ट में चल रहे कामों की जानकारी अपने घरवालों और परिचितों को बता देगी। झगड़ा बढ़ने पर उसने पुलकित का मोबाइल नहर में फेंक दिया। इसके बाद पुलकित से अंकिता की हाथापाई भी हुई। इससे ताव में आए पुलकित ने अंकिता को नहर में धक्का दे दिया।

आरोपितों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि नहर में गिरने के बाद अंकिता ने दो बार पानी के ऊपर आकर मदद के लिए चिल्लाने और बाहर आने का प्रयास किया। लेकिन, कुछ देर बाद वह नहर में डूब गई।

अंकिता की हत्या के बाद तीनों आरोपित जब देर रात रिसार्ट पहुंचे तो उन्होंने रिसार्ट स्टाफ को गुमराह करने के लिए पूरा नाटक रचा। दरअसल, अंकिता को जब आरोपित ऋषिकेश ले जा रहे थे तब रिसार्ट के स्टाफ के दो कर्मचारियों अभिनव व कुश ने उन्हें देख लिया था।

रिसार्ट आने से पूर्व अंकित ने शेफ मनवीर को फोन कर चार व्यक्तियों का खाना बनाने को कहा। हत्या कर रिसार्ट लौटे तीनों आरोपित किनारे वाले दरवाजे से अंदर गए। अंकित ने अंकिता के लिए शेफ मनवीर से खाना लिया व खुद अंकिता के कमरे में गया, जबकि हमेशा खाना मनवीर ले जाता था।

अगले दिन यानी 19 सितंबर की सुबह पुलकित व अंकित हरिद्वार जाने की बात कहकर निकल गए। वहां पुलकित ने नया मोबाइल खरीदा और दूसरे नंबर से रिसार्ट के एक कर्मचारी को फोन कर कहा कि उसका मोबाइल अंकिता के कमरे में रह गया है, जाकर ले आए।

जब वह कर्मचारी कमरे में पहुंचा तो न अंकिता थी, न फोन। उसने मालिक पुलकित को इसकी जानकारी दी। जिस पर पुलकित को लगा कि उनका षड्यंत्र सफल हो गया और तीनों ने पटवारी चौकी पहुंचकर अंकिता की गुमशुदगी दर्ज करा दी।एक आडियो आया था सामने

18 सितंबर का अंकिता की एक आडियो क्लीप सामने आई थी, जिसमें वह सहयोगी कर्मचारी को फोन कर रो रही थी। सहयोगी कर्मचारी से उसने अपना बैग लाने को कहा गया था।

उसकी व्हाट्सअप चैट भी पुलिस ने जांची है, जिसमें पुलकित के गलत कामों के बारे में वह अपने एक करीबी दोस्त को बता रही थी। इसी दोस्त की सक्रियता के बाद अंकिता के लापता होने की जांच तेज हो सकी।

पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय ले जाए जा रहे तीनों आरोपितों पर आक्रोशित ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने पुलिस के वाहन से बाहर निकालकर आरोपितों को न सिर्फ पीटा बल्कि उनके कपड़े तक फाड़ डाले।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button