रक्षा बंधन को ‘बहन दिवस’ के रूप में मनाना चाहिए — शशि प्रताप सिंह

वाराणसी। नेशनल इक्वल पार्टी के संयोजक शशि प्रताप सिंह ने रक्षा बंधन के अवसर पर अपनी बड़ी बहन की आरती उतारी और तिलक लगाकर उनका सम्मान किया। इसके बाद बहन ने भाई की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें आशीर्वाद दिया।
इस अवसर पर शशि प्रताप सिंह ने कहा कि बहनें अपने भाइयों के लिए सालभर दुआ और मंगलकामना करती हैं। भैया दूज पर भाई के सम्मान और दीर्घायु की कामना करती हैं तथा रक्षा बंधन पर अपने भाई को राखी बांधने के लिए उसके घर आती हैं। ऐसे में भाई का भी फर्ज है कि वह अपनी बहन का सम्मान करे, उनकी आरती उतारे और उनके प्रति अपने प्रेम व कर्तव्य को व्यक्त करे।
उन्होंने कहा कि बहन किसी के घर की लक्ष्मी होती है। इसलिए रक्षा बंधन केवल राखी बांधने और दिखावे का पर्व नहीं, बल्कि बहन को सम्मान देने, उसकी रक्षा का वचन देने और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत करने का दिन है।
शशि प्रताप सिंह ने कहा, “बहन से बढ़कर भाई को कोई प्यार नहीं करता। रक्षा बंधन दिखावे का पर्व नहीं, निभाने का पर्व है। इसलिए इसे केवल रक्षा बंधन के रूप में नहीं, बल्कि ‘बहन दिवस’ के रूप में भी मनाया जाना चाहिए।”

